जब आशा पारेख ने राजेश खन्ना को बदसूरत कह कर फिल्म करने से कर दिया था इंकार
अगर हम बॉलीवुड की बात करे तो इसमें कोई शक नहीं कि राजेश खन्ना आज भी बॉलीवुड के सुपरस्टार माने जाते है। मगर एक समय ऐसा भी था जब आशा पारेख ने राजेश खन्ना जैसे दिग्गज एक्टर को बदसूरत कह कर उनके साथ फिल्म करने से ही इंकार कर दिया था। दरअसल यह उन दिनों की बात है जब आशा पारेख काफी स्टारडम हासिल कर चुकी थी। वही दूसरी तरफ राजेश खन्ना इससे पहले कई फ्लॉप फिल्मे दे चुके थे। गौरतलब है कि साल 1967 में निर्माता निर्देशक नासिर हुसैन साहब राजेश खन्ना और आशा जी को लेकर बहारो के सपने नाम की एक फिल्म बनाना चाहते थे।

जब आशा पारेख ने..
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हालांकि जब आशा जी को पता चला कि इस फिल्म में उनके साथ राजेश खन्ना है तो उन्होंने फिल्म करने से ही इंकार कर दिया। हालांकि उन दिनों आशा पारेख और नासिर साहब एक दूसरे के काफी करीबी दोस्त थे। यही वजह है कि नासिर हुसैन साहब की बात मान कर आशा जी ने इस फिल्म में काम करने के लिए हां कर दिया। बता दे कि राजेश खन्ना तब बॉलीवुड में काफी नए थे और इसी वजह से इस फिल्म के दौरान वह काफी परेशान भी रहते थे। दरअसल इस फिल्म की शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना के चेहरे पर काफी मुहांसे हो गए थे। ऐसे में फिल्म की शूटिंग के दौरान आशा पारेख जी जब भी राजेश खन्ना के साथ कोई रोमांटिक सीन शूट करती थी, तो काफी नखरे दिखाती थी।
यहाँ तक कि आशा जी राजेश खन्ना साहब को गोरखा कह कर चिढ़ाती थी। अब जाहिर सी बात है कि फिल्म के दौरान इतना अपमान झेलने के बाद राजेश खन्ना जी का आत्म विश्वास ही हिल गया। जिसका असर इस फिल्म पर भी पड़ा। जी हां यह फिल्म रिलीज़ होते ही बुरी तरह से फ्लॉप साबित हुई। वैसे भी जब आशा पारेख ने इस फिल्म को साइन किया था, तब उन्हें ये नहीं मालूम नहीं था कि उनकी हिट फिल्मो की लिस्ट में फ्लॉप फिल्म भी जुड़ जाएगी।
हालांकि इस फिल्म के बाद राजेश खन्ना और आशा पारेख दोनों ने मिल कर कई हिट फिल्मो में काम किया और देखते ही देखते राजेश खन्ना साहब बॉलीवुड के सुपरस्टार बन गए।
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hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।



